नाथ नगरी’ के रूप में विख्यात बरेली शहर एक बार फिर भगवान शिव की भक्ति के रंग में सराबोर होने जा रहा है। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) द्वारा पीलीभीत रोड पर विकसित की जा रही अपनी अब तक की सबसे बड़ी आवासीय टाउनशिप का नाम भगवान शिव को समर्पित करने का निर्णय लिया गया है। इस नई टाउनशिप को Mahadevpuram Bareilly के नाम से जाना जाएगा।
जनभागीदारी से चुना गया नाम
बीडीए ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के नामकरण के लिए एक अनूठी पहल की थी। शहर के विकास में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एक प्रतियोगिता आयोजित की गई थी, जिसमें लोगों से सुझाव मांगे गए थे।
- इस प्रतियोगिता में बरेली सहित विभिन्न जिलों के 500 से अधिक लोगों ने अपने सुझाव भेजे।
- प्राप्त आवेदनों में से सात विशिष्ट नामों को शॉर्टलिस्ट किया गया, जिनमें महादेवपुरम, महादेव टाउनशिप, महादेव आवासीय योजना, महादेव नगर और महादेव निवास जैसे नाम शामिल थे।
- अंततः, भगवान शिव के नाम पर ‘महादेवपुरम’ को सबसे उपयुक्त माना गया।

विजेताओं को मिलेगा नकद पुरस्कार
बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. मनिकंदन ए. के अनुसार, सबसे सुंदर और सार्थक नाम सुझाने वाले प्रथम स्थान के प्रतिभागी को 50 हजार रुपये की नकद धनराशि और सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही, अन्य चयनित नाम सुझाने वाले पाँच अन्य लोगों को भी विशेष सम्मान से प्रोत्साहित किया जाएगा।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं
यह आवासीय योजना न केवल आकार में बड़ी है, बल्कि आधुनिक सुविधाओं का एक बेजोड़ संगम भी होगी:
- विशाल क्षेत्रफल: यह योजना पीलीभीत बाईपास रोड पर लगभग 267 हेक्टेयर में फैली हुई है।
- भारी निवेश: इसके विकास के लिए बीडीए की ओर से 2,800 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च की जा रही है।
- विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा: टाउनशिप में 40 मीटर चौड़ी सड़कें, स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, स्पोर्ट्स स्टेडियम, पार्क, मॉल और अन्य सामुदायिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
- भारी मांग: योजना के प्रति लोगों का उत्साह इस बात से दिखता है कि भूखंड (Plots) खरीदने के लिए अब तक 4,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
मुख्यमंत्री करेंगे औपचारिक घोषणा
महादेवपुरम की औपचारिक घोषणा और शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगामी बरेली दौरे के दौरान किया जाएगा। बीडीए ने इसके लिए अपनी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। यह टाउनशिप न केवल आवास की समस्या को हल करेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सुनियोजित विकास के क्षेत्र में एक नया मानक भी स्थापित करेगी।


